शब्दोंसे परे भावोंसे भरे
Saturday, 13 July 2013
खुशियाँ
: तुम जहाँ जाते हो, साथ में ख़ुशियों को ले के जाते हो!
: हाँ, मैं खुशियों को अपने साथ ले जाता हूँ !
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बस यूँही
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देखा है मैंने साथी बादलों से घिरे चाँद को चोरी से मेरी तरफ देख मुस्कुराते हुए ! हाँ; देखा है मैंने | और ये जानने के बाद की मैं भ...
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