Thursday, 6 December 2012

डूब जाने में ही ज़िन्दगी है

लगता था मुझे
बड़ा अच्छा तैर लेता हूँ
तब तक
जब तक
तेरे आँखों के सागर ने
मुझे अपने आगोश में समा लिया
अब तो
डूब जाने में ही ज़िन्दगी है !

Friday, 30 November 2012

मुमकिन नहीं

उसने कहा
भूल जाओ
भूल जाओ मुझे सदा के लिए
मैंने कहा
मुमकिन नहीं
न तो मैं ख़ुद को भुला सकता हूँ
न ही ख़ुदा को

Tuesday, 18 September 2012

प्रभु एक निवेदन है तुझसे

प्रभु एक निवेदन है तुझसे
इतनी भी न दे ऊँचाई मुझे
झुककर नीचे देखूं जो कभी
मेरा अपनासा कोई न दिखे !

प्रभु एक निवेदन है तुझसे
इतनी भी न दे  रफ़्तार मुझे
मुड़कर पीछे देखूं जो कभी
अपना न कोई मेरे संग दिखे !

प्रभु एक निवेदन है तुझसे
इतनी भी न दे  गहराई मुझे
डूबा ही रहूँ खुद में इतना
कोई और न मुझतक पहुँच सके !

Saturday, 28 July 2012

जुदाई

आज जुदा हो रहे हैं...
उस लम्बी जुदाई से पहले!
कहते हैं:
अपना एहसास दिलाती है
मौत
आने से पहले!

Thursday, 17 May 2012

भ्रम

सिर्फ किरणों को पी कर
ये मान की सूरज को निगल गयी मैं
धरा चली है चैन से सोने
सुबह होने दो
आँखें खुलने दो
नींद ही नहीं
भ्रम भी टूट जायेगा!

Wednesday, 9 May 2012

गहरा

मेरा ज़ख्म
जो भरा था वक़्त ने
कुरेदा किसीने बेवजह....
भरा नहीं;
हरा था
खून नहीं;
निकले आंसू....
घाव काफी गहरा था !


बस यूँही