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Thursday, 9 June 2011

जीवन में तेरे मै आया हूँ

शब्दोंसे परे भावोंसे भरे कुछ ऐसे क्षण मैं लाया हूँ 
जीवन में तेरे मै आया हूँ
तू मान इसे संजोग सही 
या ईश्वर का संकेत कोई 
तू पूर्ण कहाँ, मै पूर्ण नहीं 
जो कुछ भी अधूरा कर दूं पूरा सोच यही ललचाया हूँ
जीवन में तेरे मै आया हूँ
तेरे चित्र बने, मै रंग भरूँ
तू काव्य लिखे मै शब्द बनूँ 
तेरे गीत सजें और सुर मै चुनूं 
साँसों की तरह तू मुझ में बसी, नसनस में तेरी मै समाया हूँ 
जीवन में तेरे मै आया हूँ 
मै दुःख में तेरे नयनों से बहूँ
और खुशियाँ बन होटों पे रहूँ 
तेरे संग विपदाएं मै भी सहूँ
छाया की तरह मै तुझ से जुड़ा तन मन पे तेरे मै ही छाया हूँ 
जीवन में तेरे मै आया हूँ 
शब्दोंसे परे भावोंसे भरे कुछ ऐसे क्षण मै लाया हूँ 
जीवन में तेरे मै आया हूँ

बस यूँही