शब्दोंसे परे भावोंसे भरे
Saturday, 28 July 2012
जुदाई
आज जुदा हो रहे हैं...
उस लम्बी जुदाई से पहले!
कहते हैं:
अपना एहसास दिलाती है
मौत
आने से पहले!
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बस यूँही
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देखा है मैंने साथी बादलों से घिरे चाँद को चोरी से मेरी तरफ देख मुस्कुराते हुए ! हाँ; देखा है मैंने | और ये जानने के बाद की मैं भ...
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