शब्दोंसे परे भावोंसे भरे
Friday, 30 November 2012
मुमकिन नहीं
उसने कहा
भूल जाओ
भूल जाओ मुझे सदा के लिए
मैंने कहा
मुमकिन नहीं
न तो मैं ख़ुद को भुला सकता हूँ
न ही ख़ुदा को
Tuesday, 18 September 2012
प्रभु एक निवेदन है तुझसे
प्रभु एक निवेदन है तुझसे
इतनी भी न दे ऊँचाई मुझे
झुककर नीचे देखूं जो कभी
मेरा अपनासा कोई न दिखे !
प्रभु एक निवेदन है तुझसे
इतनी भी न दे रफ़्तार मुझे
मुड़कर पीछे देखूं जो कभी
अपना न कोई मेरे संग दिखे !
प्रभु एक निवेदन है तुझसे
इतनी भी न दे गहराई मुझे
डूबा ही रहूँ खुद में इतना
कोई और न मुझतक पहुँच सके !
Saturday, 28 July 2012
जुदाई
आज जुदा हो रहे हैं...
उस लम्बी जुदाई से पहले!
कहते हैं:
अपना एहसास दिलाती है
मौत
आने से पहले!
Thursday, 17 May 2012
भ्रम
सिर्फ किरणों को पी कर
ये मान की सूरज को निगल गयी मैं
धरा चली है चैन से सोने
सुबह होने दो
आँखें खुलने दो
नींद ही नहीं
भ्रम भी टूट जायेगा!
Wednesday, 9 May 2012
गहरा
मेरा ज़ख्म
जो भरा था वक़्त ने
कुरेदा किसीने बेवजह....
भरा नहीं;
हरा था
खून नहीं;
निकले आंसू....
घाव काफी गहरा था !
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बस यूँही
देखा है मैंने
देखा है मैंने साथी बादलों से घिरे चाँद को चोरी से मेरी तरफ देख मुस्कुराते हुए ! हाँ; देखा है मैंने | और ये जानने के बाद की मैं भ...
काफ़िर ही सही
बैठा था चिंतन में डूबा नदिया के तट पे अकेला हाँ... अकेला ही शायद! तभी अचानक नजरें उठीं ऊपर उस अनादि अनंत आसमान में देख गगन में होती अविरत...
पलकों के तले
ख़्वाबों को हक़ीक़त का जामा हर बार नहीं पहनाया जाता कुछ ख़्वाब सिर्फ पलकों के तले महफूज़ रहते हैं पलकें खुली नहीं की पिघल गए हमेशा के लि...